मिर्जापुर का पानी प्रयाग कैसे गया...आगबबूला डीएम ने पूछा:अफसरों से कहा- मेरे साइन के बिना पानी क्यों छोड़ा? जिले की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करूंगी
तेजस्वी न्यूज कमलेश पाण्डेय
मिर्जापुर ।DM दिव्या मित्तल का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह सिंचाई विभाग के अफसरों को फटकारती नजर आ रही हैं। उनकी नाराजगी का कारण था मिर्जापुर का पानी दूसरे जिले में छोड़ना।दरअसल, बिना DM की इजाजत के प्रयागराज को जाने वाली बाण सागर नहर में पानी छोड़ दिया गया था। इसके बाद किसानों ने DM से मिलकर बताया था कि मिर्जापुर की नहर में पानी न आने के कारण फसलें सूखने लगी हैं।
DM ने बैठक में किसानों के सामने ही अफसरों को डांट लगा दी। कहा, "हमारा जिला जिला नहीं है क्या? अगर पानी है, तो सब लेंगे। अगर नहीं है, तो सब भुगतेंगे। उनके पौधे सूख रहे, तो हमारे भी सूख रहे हैं न। किसको पानी देना है? कौन निर्णय करेगा? प्रयागराज, मिर्जापुर या मध्यप्रदेश या आप निर्णय करेंगे। बिना DM के आदेश से कैसे पानी छोड़ा गया?"
*किसानों की समस्या पर बुलाई थी बैठक*
मिर्जापुर की DM दिव्या मित्तल ने गुरुवार की शाम कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों की सिंचाई से संबंधित शिकायतों को लेकर बैठक बुलाई थी। इसमें CDO श्रीलक्ष्मी वीएस के साथ सिंचाई प्रखंड के सभी अधिकारी और किसान संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक में किसानों ने मिर्जापुर के नारायणपुर पंप कैनाल पर बने डैम से प्रयागराज की बाण सागर नहर में पानी छोड़े जाने की शिकायत की। किसानों ने कहा कि बिना किसी रोस्टर और बिना DM की इजाजत लिए ऐसा किया गया। जबकि मिर्जापुर की नहरों में एक बूंद पानी नहीं छोड़ा गया।
यह सुनकर DM आगबबूला हो गईं। किसानों के सामने ही अफसरों से पूछा, तो उन्होंने प्रयागराज के लिए पानी छोड़ने की बात स्वीकार कर ली। यह सुनते ही DM ने अफसरों की क्लास लगा दी। DM ने कहा कि मिर्जापुर की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी।
इन सवालों का जवाब नहीं दे सके अफसर
DM दिव्या मित्तल ने अफसरों से पूछा, जब डैम में पानी लेवल से कम है, तो दूसरे जिले के लिए छोड़ना ही क्यों? छोड़ा भी, तो DM की साइन के बिना क्यों छोड़ा। इसका रोस्टर बना है, तो उसका पालन क्यों नहीं किया? पानी डैम में कम था, तो दूसरे जिले के लिए छोड़ने से पहले हाई लेवल मीटिंग क्यों नहीं बुलाई?
डीएम ने अफसरों से भरी मीटिंग में ही न सिर्फ जवाब तलब किया, बल्कि इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी। उन्होंने नारायणपुर पंप कैनाल के अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नहरों के संचालन के रोस्टर बनाकर CDO के जरिए DM की इजाजत के बाद ही पानी कहीं और छोड़ा जाए।

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